तो इस वजह से मोदी बन सके प्रधानमन्त्री |आज हुआ खुलासा

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तो इस वजह से मोदी बन सके प्रधानमन्त्री |आज हुआ खुलासा

​​​क्या भारतीय प्रधानमंत्री श्री श्री मोदी जी वास्तव में एक समय चाय बेचते थे, अगर हां तो जाने वहाँ से भारत के प्रधान मंत्री पद का प्रवेश द्वार उन्हे कैसे मिला?

मोदी भारत में एकमात्र व्यक्ति नहीं हैं, जो एक विनम्र पृष्ठभूमि से उदय हुए हैं और भारत के प्रतिष्ठ व्यक्ति बने

e news paper 5abक्या आप जानते हैं कि डॉ कलाम अखबार बेचा करते थे? अपनी मेहनत व लगन से वह बादमें भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों मे से एक और राष्ट्रपति बने।​​ क्या आप ये भी जानते हैं कि दोनों बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स कॉलेज छोड़ने वाले थे? उस समय की औसतन शिक्षित भी नहीं थे परंतु लक्ष्य केन्द्रित होने की वजह से वे हमारे समय के सबसे बड़े ​व्यापारी संपन्न एवं प्रसिद्ध शकशियत हैं ।क्या आप जानते हैं कि धीरूभाई अंबानी एक गरीब परिवार से सिर्फ मैट्रिकुले थे, जो ग्यानर पर्वत के तीर्थयात्रियों को सप्ताहांत में भजिया (तला हुआ सब्जी पकौड़ी) बेचते थे। आज उन्होने भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट साम्राज्य की स्थापना की, बल्कि कहना गलत नहीं होगा कि वो विश्व के उच्चतम उद्योगपतियो मे से एक हैं. (रिलायंस इंडस्ट्रीज) शायद ही आपको यह भी पता हो कि सुनील भारती मित्तल ने लुधियाना में एक छोटे साइकिल व्यवसाय से अपना नेटवर्क सम्राट बनने का सफर शुरू किया | ​ये मित्तल की ​चित्त की दृढ़ता का नतीज़ा है जो वो विश्वस्तरीय दिग्गज कंपनी वोडाफोन को धूल चटा शीर्ष दूरसंचार कंपनी का तगमा पहने है| ऐसे बहुत महा पुरुषों की उदहारण सूची है|यह लोकतंत्र की सुंदरता है कि आकाश सभी के लिए सीमा बन सकता है और इसे छूने का अधिकार और बाजुयो मे ताकत से कूदरत ने हर किसी को नवाजा है.

मेरा मुकद्दर मेरे सपनो के आड़े नहीं आता |

मैं बाजुओं की ताकत से लकीरें बदल देता हूँ ||

उसकी मर्जी के बिना पत्ता नहीं हिलता तो ना हीले |

आशीष ज़िद पे आ जाऊ तो पर्वत हिला देता हूँ || – Ashish pandey

हर व्यक्ति के लिए किसी भी क्षेत्र में कार्य करना और ऊपरी स्तर तक पहुंचना संभव है।

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